इस पोस्ट में आपको NIOS कक्षा 10 विज्ञान (212) के अध्याय 1- विज्ञान और प्रोद्योगिकी में मापन (Measurement in Science and
Technology) की वर्कशीट 1 के सभी प्रश्न उत्त्तर सरल और स्पस्ट भाषा में दिए गए हैं| आप अपने NIOS असाइंमेंट /वर्कशीट को अच्छे से तैयार कर पायेंगे|आप चाहें तो अंग्रेजी में Worksheet 1 भी पढ़ सकते हैं|

विज्ञान एंव प्रोद्योगिकी में मापन वर्कशीट 1 का हल
प्रश्न 1 मापन हमारे दैनिक जीवन में एक आवश्यक विज्ञान है| अपने परिवेश का अवलोकन कीजिए और अपने आप से पूछें कि यह क्यों जरूरी है| कारणों के साथ अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए|
उत्तर
हाँ, मापन हमारे दैनिक जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है , क्यों कि यह काम में दक्षता, सटीकता और सुरक्षा लाता है|
हम मापन की सहायता से
बिना किसी भ्रम के अपना काम ठीक से अरु अच्छी तरह से कर सकते हैं|मापन के बिना हम यह नही जान सकते
है कि कोई वस्तु कितनी भारी, कितनी दूर या कितनी लम्बी है| बिना मापन के हम गलतियाँ करेंगे , इसलिए मापन हमारे दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है|
मापन का महत्त्व हम निम्न बिन्दुओं के आधार पर समझ सकते हैं-
1.
खाना बनाना – खाना बनाते समय हम खाद्य सामग्री को माप कर ही डालते हैं जैसे एक कप चावल या 2 चम्मच चीनी आदि| बिना माप के हमारा भोजन बेस्वाद होगा|
2.
समय प्रबंधन – जब हम यात्रा करते हैं तो हम गंतव्य स्थान की दूरी और वहाँ तक पहुँचने मे लगने वाले समय की जाँच करते हैं| स्कुल , ऑफिस में हमारा
काम टाइम टेबल के अनुसार ही चलता है , इसलिए हमें समय सीमा को पूरा करने
के लिए समय को मापना होता है|
3.
वित्त प्रबंधन – हमें अपने खर्च और व्यय का हिसाब भी रखते हैं और इसे डायरी में भी नोट करके रखते हैं|
4.
खरीदारी – जब भी हम बाजार से कुछ भी खरीदते हैं तो सामग्री को माप तौल कर ही लिया जाता है| जैसे कुछ सामग्री किलो या लीटर में मापी जाती हैं|
5.
विज्ञान और प्रद्योगिकी – विज्ञान के प्रयोगों , अविष्कारों में सटीक मापन की आवश्यकता होती है| जैसे समय , तापमान को मापते हैं|
प्रश्न 2 मापन में एक मूलभूत कौशल है जो हमारे दैनिक जीवन के क्रियाकलापों के एक अनिवार्य भाग है जिसके बिना हम कुछ नहीं कर सकते| अपने परिवेश से अलग अलग द्रव्य और अलग अलग आयामों की कोई भी पाँच वस्तुओं को चुनिए|उपयुक्त इकाइयों का उपयोग करके निम्नलिखित एक तालिका बनाइए|
|
वस्तु का नाम |
लम्बाई /चौडाई/ऊंचाई |
भार |
क्षेत्रफल/आयतन |
|
दवाई का बक्सा |
15cm/5cm/4cm |
50g |
300cm3 |
उत्तर
मापन एक आधारभूत कौशल है जो हमारे दैनिक जीवन की विभिन्न गतिविधियों का अनिवार्य हिस्सा है|
निम्न लिखित पाँच वस्तुएँ हैं जिनका हम उपयोग करते हैं |
|
वस्तु का नाम |
लम्बाई /चौडाई/ऊंचाई |
भार |
क्षेत्रफल/आयतन |
|
दवाई का बक्सा |
15cm/5cm/4cm |
50g |
300cm3 |
|
स्टील की पानी की बोतल |
H- 25cm , Dia- 7 cm |
500g |
962 cm3 |
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प्लास्टिक का लंच बॉक्स |
18cm/12cm/6cm |
300g |
1296 cm3 |
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लकड़ी की टेबल |
100cm/60cm/2cm |
250g |
12000 cm3 |
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नोट बुक |
21cm/15cm/2cm |
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630 cm3 |
प्रश्न 3 निम्न लिखित कथन के लिए कोई दो प्रश्न बनाएँ-
किसी भौतिक राशि के मापन के परिणाम को हम उसके मान से व्यक्त करते हैं| राशि का मान, मापन के लिए जितनी बार मानक का प्रयोग हुआ है, वह संख्या और मापन के लिए परिभाषित राशि(मानक) के गुणनफल के बराबर होता है| इस परिभाषित या मानक राशि अर्थात प्रयुक्त पैमाने “ उदाहरण के लिए दूरी के लिए मीटर या फुट” को मात्रक कहते हैं| भौतिक राशि का मान दो भागों से मिलकर बनता है; संख्यात्मक राशि और मात्रक और यह दोनों के गुणनफल के बराबर होता है|
भौतिक राशि का मान = संख्यात्मक राशि × मात्रक
उत्तर
इस गद्यांश में दो प्रश्न और उनके निम्नलिखित हैं:
1. वे कौनसे दो भाग हैं जिनसे भौतिक राशि का मान बनता है?
उत्तर – संख्यात्मक मान और इकाई
2. किसी भौतिक राशि के मान को व्यक्त करने के लिए सूत्र लिखिए|
उत्तर - भौतिक राशि का मान = संख्यात्मक राशि × मात्रक
प्रश्न 4 मात्रक एक “माप, युक्ति या मापक्रम है जिसकी सहायता से हम किसी भौतिक राशि का मापन करते हैं| जैसा कि Q 3 में कहा गया हैहै- भौतिक राशि का मान दो भागों से मिलकर बनता है; संख्यात्मक राशि और मात्रक और यह दोनों के गुणनफल के बारबार होता है|” कल्पना कीजिये कि क्या किसी भी इकाई का उपयोग किसी भी आयाम के लिए किया जा सकता है ? उदाहरण के लिए , क्या हम दूरी को किलोग्राम में माप सकते हैं ?
क. यदि हाँ, तो कारणों के साथ अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिये|
ख. यदि नहीं, तो कारणों के साथ अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिये|
ग. एक मात्रक की विशेषता लिखिए|
उत्तर
हम दूरी को किलोग्राम में नही माप सकते हैं क्यों कि किसी भी भौतिक राशि (physical quantity) के लिए उसी से सम्बंधित विशेष इकाई का ही उपयोग किया जाता है|
दूरी , लम्बाई से सम्बंधित राशि है इसलिये इसे मीटर(m) , सेंटीमीटर(cm) और किलोमीटर(km) में मापा जाता है|
जबकि किलोग्राम द्रव्यमान(mass) को मापने की इकाई(unit) है , इसलिए दूरी को किलोग्राम में मापना सही नही है|
प्रश्न 5 मापन करने और मापन युक्तियों की आवश्यकता प्राचीन काल से ही रही है| मापन के विभिन्न तरीके आपनाए गए| हमारे पूर्वजों द्वारा उपयोग किए गए मापन के विभिन्न तरीके लिखिए और स्पष्ट कीजिए कि मापन के उपयुक्त तरीकों में आपको क्या कमियाँ लगी?
उत्तर
प्राचीन समय में लोग मापन के लिए अपने शरीर के अंगों को ही इकाइयों के रूप में उपयोग करते थे|
हमारे पूर्वजों द्वारा उपयोग किये जाने वाले मापन के तरीके :
1.
हथेली का फैलाव (Span)- जब हात को पूरी तरह से फैलाया जाता है तो अंगूठे की नोक से छोटी उंगली की नोक तक की दूरी को हथेली का फैलाव कहते हैं| इसका उपयोग कपड़ों या छोटी वस्तुओं की लम्बाई के मापन के लिए किया जाता था|
2.
क्युबिट/ हाथ की लम्बाई (Cubit)- कोहनी से मध्य उंगली की नोक तक की दूरी को क्युबिट कहा जाता है| इसका उपयोग दीवार या लकड़ी की लम्बाई मापने के लिए किया जाता था|
3. कदम (Footstep)- एक व्यक्ति के एक कदम में तय की गई दूरी को फुटस्टेप कहा जाता है | इसका उपयोग जमीन या दूरी मापने के लिये किया जाता था|
4.
उंगली की चौडाई (अंगुल)-एक उंगली की चौडाई को अंगुल कहा जाता है|इसका उपयोग छोटी वस्तुओं की लम्बाई या चौडाई मापने के लिए किया जाता था|
ये तरीक सरल, उपयोगी और जल्दी मापन करने वाले थे क्यों कि कोई भी व्यक्ति अपने शरीर के अंगो की मदद से आसानी से माप सकता था| हालाँकि ये तरीके पूरी तरह से सटीक (accurate) नही थे फिर भी उस समय के लोगों के लिए मूलभूत मापन करने में सहायक थे|
प्रश्न 6मात्रकों के विकास के क्रम में कई प्रणालियों को अपनाया गया| मात्रकों की प्रणाली को फिर से परिभाषित करने की कवायद के कारण वर्तमान में उपयोग में आने वाली प्रणाली SI प्रणाली का जन्म हुआ है| टिप्पणी कीजिए कि विभिन्न देशों द्वारा परिभाषित और इस्तेमाल की जाने वाली मात्रकों की विभिन्न प्रणालियों को नए सिरे से परिभाषित करने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई?
उत्तर
अलग – अलग देशों और क्षेत्रों में भौतिक राशियों को मापने के लिए अलग अलग इकाई प्रणालियाँ प्रचलित थी, जैसे CGS, FPS और MKS प्रणाली आदि| लेकिन इन अलग अलग प्रणालियों के कारण देशों के बीच व्यापार , विज्ञान और दैनिक जीवन के कार्यों में भ्रम और त्रुटियाँ उत्पन्न होने लगी | इसलिए बाद में एक सामान और मानक प्रणाली की आवश्यकता महसूस की गई|
मात्रक /इकाई प्रणाली को पुनर्परिभाषित करने के निम्न कारण हैं:
1. एक ही भौतिक राशि के लिए अलग अलग जगहों पर अलग अलग इकाइयों का उपयोग किया जाता था, जिससे मानों की तुलना करना कठिन हो जाता था|
2. विभिन्न देशों के खरीददार और विक्रेता अलग अलग इकाइयों का उपयोग करते थे जिसके कारण आपस में विवाद होते थे|
3. वैज्ञानिक अनुसंधान और आँकड़ों के आदान प्रदान के लिए विश्व स्तर पर स्वीकृत मानक इकाइयों की आवश्यकता थी|
इन्ही समस्याओं को दूर करने के लिये 1960 में अंतर्राष्ट्रीय इकाई प्रणाली (SI)को लागू किया गया| यह प्रणाली विश्वभर में स्वीकार की गई है और सात मूलभूत इकाइयों पर आधारित है|
प्रश्न 7 मापन केलिए प्रत्येक भौतिक राशि का एक SI मात्रक निर्दिष्ट किया जाता है, उदाहरण के लिए “दूरी के लिए मीटर” | SI के मूल मात्रकों से छोटे और बड़े मात्रक दस के अपवत्यों या अपवर्तकों के रूप में परिवर्तनीय किए जा सकते हैं| उदाहरण के लिए 10-2 मीटर =1 सेंटीमीटर और 103 मीटर =1 किलो मीटर आदि| बताइए कि हमें एक ही भौतिक राशि के लिए अलग-अलग इकाइयों की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर
मापन को आसन, व्यावहारिक और अधिक सटीक बनाने के लिए एक ही भौतिक राशि के लिए अलग अलग इकाइयों की आवश्यकता होती है|
कारण : यदि हम सभी मापों के लिए केवल एक ही इकाई जैसे “मीटर”का उपयोग करें तो मापन कठिन हो जाएगा|उदाहरण के लिए दो शहरों के बीच की दूरी150,000 मीटर लिखने के बजाय 150 किलोमीटर कहना अधिक सरल और समझने में आसान है|
इस प्रकार, एक ही भौतिक राशि के लिए अलग अलग इकाइयों का उपयोग करने से हम छोटी और बड़ी दोनों प्रकार की दूरियों या मात्राओं को अधिक प्रभावी और सटीक तरीके से माप सकते हैं|
प्रश्न 8 अपने बैग से कोई भी पुस्तक लीजिए और इसके आयामों को उपयुक्त पैमाने से मापें और पुस्तक के आयतन की गणना कीजिए| मापने के बाद इकाइयों और इसके आयतन को, उस मात्रा के मापन के लिए प्रयोग की जाने वाली दो अलग-अलग इकाइयों में परिवर्तित कीजिए|
उतर
मैंने अपनी विज्ञान की पुस्तक ली और स्केल की सहायता से उसके आयाम मापे|
लम्बाई = 25 cm
चौडाई = 18 cm
ऊँचाई = 3 cm
आयतन की गणना
आयतन = लम्बाई ×चौडाई ×ऊँचाई
आयतन = 1350 सेमी3
अब हम आयतन को अलग अलग इकाइयों में बदलते हैं:
1. घन मीटर में (m3)
1सेमी 3 = 1 ×10-6 मी 3
1350सेमी 3 = 1350 ×10-6
=
0.00135 मी 3
2. लीटर में (L)
1सेमी 3 = 1मिली
1350 सेमी 3 = 13501मिली
10001मिली = 1लीटर
अत: 1350 मिली = 1.35 लीटर
3. घन डेसीमीटर में (dm3)
1डेमी 3 = 1000सेमी 3
1350 /1000= 1.35डेमी 3
प्रश्न 9 वर्तमान में हम मात्रक की अंतर्राष्ट्रीय पद्धति का अनुसरण करते हैं जिसे “SI मात्रक” कहा जाता है| मात्रक के नामों से प्राप्त मात्रकों के प्रतीकों को एक विशष्ट अक्षर द्वारा दर्शाया जाता है|स्पष्ट किजिए कि क्या बहुवचन में मात्रक लिखना या अक्षर बदलना सही है| उदाहरण के लिए , द्रव्यमान की एक इकाई ग्राम है जिसे “g” द्वारा दर्शाया गया है , क्य्का इसे हम “gm” के रूप में लिख सकते हैं या बहुवचन के मामले में “gs” या “gms” के रूप में लिख सकते हैं|
क. यदि हाँ, तो कारणों के साथ अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए|
ख. यदि नहीं, तो कारणों के साथ अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए|
ग. स्पष्ट कीजिए कि मात्रक लिखते समय आपको SI इकाइयों के व्याकरण का पालन कैसे करना है|
उत्तर
नहीं, हमें इकाइयों को बहुवचन रूप में नहीं लिखना चाहिए और न ही उनके प्रतीकों में कोई परिवर्तन करना चाहिए,क्यों कि SI इकाइयाँ मानक(standard) और सार्वभौमिक(universal) होती हैं|
प्रत्येक इकाई का एक विशिष्ट प्रतीक होता है , जैसे ग्राम के लिए ‘g” और मीटर के लिए “m” |
उदाहरण के लिए हमें 100 g लिखना चाहिए न कि 100 gms |
SI इकाइयों के सही प्रयोग के लिए हमें निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए:
1.
हमेशा मानक प्रतीकों का ही उपयोग करें|
2.
प्रतीकों का बहुवचन रूप नहीं बनाना चाहिए|
3.
छोटे और बड़े अक्षरों का सही उपयोग करना चाहिए , क्यों की कुछ प्रतीक छोटे अक्षरों में होते हैं और कुछ बड़े अक्षरों में होते हैं|
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